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मनोज जानी

बोलो वही, जो हो सही ! दिल की बात, ना रहे अनकही !!

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थोड़ा सा चाँद...

December 15, 2013
कई दिनों की
हाड़ – तोड़
मेहनत के बाद
पृथ्वी सिंह
अपने बेटे की
थाली में
रोटी का
एक
टुकड़ा देख
पाया है ।
चाँद थोड़ा
ही
सही
मगर आज
उसके घर
में
आया है । ।


----त्रिलोक नाथ तिवाड़ी

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