Menu

मनोज जानी

बोलो वही, जो हो सही ! दिल की बात, ना रहे अनकही !!

header photo

व्यंग्यों की सूची

View older posts »

ब्यंग्य

टेक्निकल लोचा.......

September 18, 2017

हमारे देश में तरह तरह के लोचे होते रहते हैं। कभी केमिकल लोचा हो जाता है तो कभी टेक्निकल लोचा। राजनीतिक और धार्मिक लोचे तो आए दिन होते ही रहते हैं। वैसे लोचा करने को लुच्चई कहते हैं कि नहीं ये नहीं पता। लेकिन इतना जरूर पता है कि लोचा और लुच्चई एक दूसरे के सगे-सम्बन्धी जरूर हैं और दोनों हमारे देश में …

Read more

हार की समीक्षा।

March 12, 2017

चुनाव खत्म हो गए। जीतने वाले तो राज कर रहे हैं, हारने वाले हार की समीक्षा। वैसे भी जब से हारे हैं, नेता जी मीडिया से भी दूर दूर ही रहते हैं। पता नहीं कब कौन हार का कारण पूँछने लगे। इसलिए हार के काफी दिनों बाद नेताजी बाहर निकले हैं। हार की समीक्षा करने के लिए। आनन फानन सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियो…

Read more

मुद्दे हजार, वोटर लाचार

January 23, 2017

इधर चुनाव का ऐलान हुआ, उधर जनता का भाव बेमौसम की सब्जियों की तरह आसमान पर जा पहुँचा। पाँच साल से नौकर से भी बदतर जीवन जीने को मजबूर जनता, अचानक अपने को अदानी-अंबानी की तरह मालिक समझने लगी है। पाँच साल से बिजली पानी को तरसती जनता, नेताओं को एक एक वोट के लिए तरसाना चाहती है। नेता भी पाँच हफ्ते, अपने क…

Read more

देश बचाने का मौसम.....

January 21, 2017

हमारा देश त्योहारों का देश है। मौसम के अनुसार यहाँ तरह तरह के त्योहार मनाये जाते हैं। कभी कभी ये लगता है कि जनता त्योहार मनाने के लिए ही पैदा हुई है। आजकल देश में चुनाव का त्योहार चल रहा है। जैसे हर त्योहार मनाने के कुछ कर्मकाण्ड होते हैं, वैसे ही चुनाव के त्योहार को मनाने के भी कुछ अलिखित परम्पराएं…

Read more

खुश है जमाना आज.....

December 31, 2016

खुश है जमाना आज पहली तारीख है। यह गाना 30-40 सालों के बाद 2017 मे जाकर अपने लक्ष्य को प्राप्त हुआ है। पहली बार आम हों या खास, नेता हो या अभिनेता, गरीब हो या अमीर, नए साल पर सब खुश हैं। सरकार खुश है, विपक्षी खुश हैं।  सरकार समर्थक तो खुश हैं ही, सरकार विरोधी भी खुश हैं। तकलीफ में लाइन लगने वाला कुछ क…

Read more

जनता उम्मीद से है........

December 25, 2016

हमारे देश में सबसे आसान काम अगर कोई है तो वो है, जनता में उम्मीद जगाना। जनता बस तैयार बैठी है उम्मीद लगाने के लिए। बस एक दो मुद्दे तबीयत से उछालो। दो चार बार गरीब- गरीबी, भ्रष्टाचार-घोटाले का जाप करिए, बस जनता उम्मीद से हो जाती है। पिछले सत्तर सालों से हर चुनाव में जनता को उम्मीद होती है। और कुछ दिन…

Read more

पहली नजर में.....

December 16, 2016

हमारे नौजवान युवक और युवतियां, इश्क और गणित दोनों साथ साथ सीखते हैं। जब वो किसी से नजरें मिलाते हैं तो साथ साथ गणना भी करते जाते हैं। पहली नजर। दूसरी नजर। तीसरी नजर आदि। हम लोग बचपन से सुनते आ रहे हैं कि पहली नजर में प्यार होता है। लेकिन आधुनिक शोध से यह बात पता चली है कि, चौथी नजर में जाकर प्यार हो…

Read more

मुबारक नया साल। पुराने का नहीं मलाल।

December 11, 2016

आप सभी को नया साल 2017 बहुत बहुत मुबारक हो। आखिर आपने साल भर कड़ी मेहनत मशक्कत से देश को भ्रष्टाचार के ऊपरी पायदानों पर रोके रखा। इतने सारे उतार चढ़ावों के बावजूद किसी भी तरह के भ्रष्टाचार में कोई कमी नहीं आने दिया। कालाधन - कालाधन करने वालों का मुँह काला कर दिया। हम  सभी ने इसके लिए जान लगा दिया। अब …

Read more

कोई भी पाल्यूशन ! आड-ईवन साल्यूशन।

January 4, 2016

आम आदमी आजकल चूसा हुआ आम हो गया है। जिसे देखो उसे चूस चूस कर उसकी गुठली निकालने पर आमादा है। आम को पकाकर खाने के लिए जैसे कैल्सियम कार्बाइड लगाया जाता है, वैसे ही आम आदमी को प्रदूषित हवाओं से पकाकर चूसा जा रहा है। तरह तरह के पाल्यूशन से आम आदमी की हालत पके आम से भी बुरी हो गयी है। कहीं हवा का पाल्यू…

Read more

सेवलान का धुला

January 1, 2016

धुलना और धोना हम भारतीयों का जन्मसिद्ध अधिकार है। धोने और धुलने की कला का आविष्कार हम भारतीयों ने ही किया है और उसपे हमलोगों का ही कापीराइट है। दुनिया के लोग तो पानी या पेट्रोल से सफाई करते हैं, पर हम भारतीय, पता नहीं किस किस चीज से दूसरों को धोते हैं, साफ करते हैं। पुराने जमाने में लोग सफाई के लिए …

Read more

View older posts »

कैसी लगी रचना आपको ? जरूर बताइये ।

There are currently no blog comments.