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मनोज जानी

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. . . हैप्पी न्यू ईयर !! 2018

December 30, 2017

देश की मंहगाई से बेहाल देशवासियो को नये साल की बधाई। नये वेतन आयोग से खुशहाल सरकारी बाबुओं को हैप्पी न्यू  ईयर। आजकल सभी लोग न्यू ईयर के हैप्पी होने की कामना कर रहे हैं। पुराने साल में हैप्पी न्यू ईयर के बाद तो सब सैड सैड ही रहा। कभी  तेल के दाम ने बदहजमी की,  तो कभी गैस (के दामों) ने पेट खराब किया। कभी सब्जियों ने प्याज के आंसू रुलाया, तो कभी आलू ने भुरता बनाया। कभी बच्चों की  बढती फ़ीस ने खीस निपोरी, तो कभी दाल के दाम से कुछ कुछ हुआ। नोटबंदी से जिंदा बचे कतार में लगे अंबानियों को जीएसटी का तोहफा मिला। मगर दिल बेचारा पिछले साल से लेकर इस साल तक न्यू ईयर के हैप्पी को ढो रहा है।

हैप्पी न्यू ईयर उन लोगों के लिये, जो इस साल शेयर मार्केट में लुट गये हैं। बिना दिवाली ही दिवाला निकलवा चुके लोगों को हैप्पी न्यू ईयर। पूरे साल सैड रहे लोगों को हैप्पी न्यू ईयर। न्यू ईयर तो हैप्पी होने के लिये ही होता है। साल भर से एक ही हिरोइन के पुराने कैलेण्डर को बदलने के दिन आ गये हैं। इस कंपकंपाती सर्द में नई हिरोइनों के दिगम्बरी कैलेण्डर लगाने का वक्त आ गया है, जिससे कि सर्दी में भी गर्मी का एहसास  मिले।

हैप्पी न्यू ईयर उन सभी लोगों को जो पूरे साल हैप्पी होने का वेट करते  रहे। ए राजा हों या कनिमोझी, सभी को हैप्पी न्यू ईयर। नए नए पदभार ग्रहण किए सीएमों के साथ साथ चिर पीएम इन वेटिंग को भी हैप्पी न्यू ईयर। परमानेंट पीएम इन वेटिंग के लिये यह साल भले ही सैड रहा हो, प्रदेशों के नव-नियुक्त सीएम तो न्यू ईयर में हैप्पी हो ही सकते हैं। बाकी देश की जनता तो हमेशा हैप्पी इन वेटिंग ही रहती है, सरकार कोई भी हो, या साल कोई भी हो।

ठण्ड से मरने वाले गरीबों को खासतौर से हैप्पी न्यू ईयर। क्योंकि उनके लिये स्वर्ग लोक, पृथ्वी लोक से ज्यादा ही हैप्पी रहेगा। ग्रीटिंग कार्ड के खर्चे और मोबाइल बिल से डरे हुये लोगों को  सैड के साथ हैप्पी न्यू ईयर। 2जी घोटाले के करोडों रूपयों को, तरसती, ललचाती निगाहों से देखती हुई भारतीय जनता को भी हैप्पी न्यू ईयर। जनता के राज में, राज ठाकरे से सहमी हुई जनता को हैप्पी न्यू ईयर। नोटबंदी की मार से बेरोजगार हुये कर्मचारियों को भी हैप्पी न्यू ईयर।

मोदी का मैजिक और अमित शाह  के शाह-जादे का जलवा कायम  रहने पर उन्हें हैप्पी न्यू ईयर। ईवीएम पर साल भर चली तकरार के साथ-साथ, हिमाचल और गुजरात की सरकार के लिये बेकरार कांग्रेसियों को हैप्पी न्यू ईयर। पीएम आतंकवाद से बचने का साल भर करते रहे उपाय। हर बिस्फ़ोट और अटैक पर, बस निंदा हो जाए। आर-पार की लडाई का, जनता करती रह गई वेट। कई साल से पाकिस्तान को, मुंह से ही करते मटियामेट। सरकारी वादे और आतंकवादी इरादे के बीच पिसती जनता को हैप्पी न्यू ईयर।

बिहार की बाढ से प्रभावित सरकारी राहत-कर्मचारियों को हैप्पी न्यू ईयर। बाढ पीडितों के लिये हैप्पी न्यू ईयर की कोई गारण्टी नहीं है। कोसी के कहर से प्रभावित, खाने के दाने-दाने को पाने के लिये आपस में मर मिट जाने को बेताब, जनता को हैप्पी न्यू ईयर। गोरक्षा के नाम पर मलाई काटने और आतंक फैलाने वालों को फुल ईयर का हैप्पी। लव-जिहाद और मंदिर-मस्जिद के नाम पर राजनीति करने वाले नेताओं को खास तौर से हैप्पी न्यू ईयर। तीन तलाक के मुद्दे से खुश और बाबा राम-रहीम या बाबा बिरेन्द्र देव दीक्षित के कुकर्मों से दुखी लोगों को हैप्पी न्यू ईयर। आखिर यही एक सच्चे लोकतंत्र की पहचान है। कोई धर्म कम नहीं है।

इधर राहुल बाबा गुजरात चुनाव के बाद अब पप्पू नहीं रह गए। कांग्रेस की नैया के चप्पू थाम लिए। कांग्रेस के सत्तर साल पर मोदी जी का चार साल भारी हो गया। नोटबंदी से मालामाल, कांग्रेस राज का भिखारी हो गया। वोट मांगने वाले करोड़पति नेताओं और रोड-पति जनता को हैप्पी न्यू ईयर।

हैप्पी न्यू ईयर सीबीआई को भी, जिसको किसी घोटाले का सबूत तभी मिलता है जब सरकार चाहती है, नहीं तो सबूत भी अपने को सबूत नहीं सिद्ध कर सकता है। नये साल में बीबी से लेकर पड़ोसन तक, कुछ भी नया ना होने पर भी, नये साल की बधाई देने वाले हर शख्स को हैप्पी न्यू ईयर।

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आईने के सामने (काव्य संग्रह) का विमोचन 2014

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चिकोटी (ब्यंग्य संग्रह) का विमोचन 2012

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आदरणीय  कुशवाहा जी प्रणाम। कमेन्ट के लिए धन्यवाद ।
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कुछ न कुछ तो कहना ही पड़ेगा , जानी साहब. कब तक बहरे बन कर बैठे रहेंगे. कब तक अपने जज्बातों को मरते हुए देखेंगे. आखिर कब तक. देश के हालात को व्यक्त क...
स्नेही जानी जी , सादर ,बहुत सुन्दर भाव से पूर्ण कविता ,आज की सच्चाई को निरुपित करती हुई . सफल प्रस्तुति हेतु बधाई .
तरस रहे हैं जो खुद, मय के एक कतरे को, एसे शाकी हमें, आखिर शराब क्या देंगे? श्री मनोज कुमार जी , नमस्कार ! क्या बात है ! आपने आदरणीय डॉ . बाली से...