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मनोज जानी

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बुलट की स्पीड....

December 13, 2015

हमारे नेताओं का बुलट और बैलेट प्रेम जग जाहिर है। खासकर हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री तो बुलेट के ख़ासे दीवाने हैं। मोदी जी ने जापानी प्रधानमंत्री आबे से कहा कि उनसे उन्हें बुलेट ट्रेन ही नहीं, ग्रोथ भी बुलट कि स्पीड से चाहिए। मोदीजी तो हर काम बुलट कि स्पीड से ही करते हैं। वो भाजपा के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार बुलेट की स्पीड से चुने गए। उन्होनें मनमोहन सिंह को बुलट की स्पीड से हराकर बुलेट की स्पीड से प्रधान मंत्री बने।

प्रधानमंत्री बनते ही पहला काम जो किया वह था अद्ध्यादेश लाने का। बुलट की स्पीड से अद्ध्यादेश पर अद्ध्यादेश आने लगे। यहाँ तक कि उस पर राष्ट्रपति जी को यह कहकर ब्रेक लगाना पड़ा कि अद्ध्यादेश से सरकारें नहीं चलतीं। प्रधानमंत्री बनने से लेकर अब तक, विदेशों के दौरे बुलेट की स्पीड से कर रहे हैं। यहाँ तक कि लोग कहने लगे हैं कि वो वीजा लेकर देश में आते हैं।

मोदी जी ने अभी तक भारतीय ट्रेन की स्पीड भले ही एक किलोमीटर प्रति घंटा भी ना बढ़ाई हो, लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद से रेल का किराया बुलेट की स्पीड से ज्यादा तेजी से बढ़ाया है। पहले चौदह परसेंट किराया, फिर सरचार्ज और फिर किराया बढ़ाया। यहाँ तक कि ट्रेन में सफर करने वाले पाँच साल के बच्चों को भी बुलट की स्पीड से वयस्क बनाकर फुल किराया कर दिया। कैंसिलेशन और रिजर्वेशन चार्ज तो पहले ही बुलेट की स्पीड से बढ़ चुके हैं। बस ये अच्छा है कि ट्रेन की स्पीड बुलेट की नहीं हुई, नहीं तो देश की जनसंख्या भी बुलेट की स्पीड से घट रही होती।

मोदी जी भाषण तो बुलेट कि स्पीड से देते ही हैं, सपने भी बुलेट कि स्पीड से दिखाते हैं। अपने हर वादे को बुलेट की स्पीड से जुमला भी बनाते जाते हैं। मुद्दे भी बुलेट कि स्पीड से बदलते हैं। चुनावी रैलियाँ तो बुलेट कि स्पीड से भी तेज करते हैं। चुनाव में अपने भाषण से महँगाई डायन को देश से बाहर खदेड़ देते हैं। और चुनाव जीतते ही, आलू,प्याज, टमाटर, दाल और चावल के दाम बुलेट की स्पीड से बढ़ा दिया।

अब देश की आलू-प्याज-दाल में लटकी जनता, बुलेट कि स्पीड को क्या जाने? साठ साल से देश की नकारा –निठल्ली जनता, कछुआ स्पीड में जीने कि आदी है। आलू-प्याज-दाल से आगे सोचती ही नहीं। उसे मोदी जी के बुलेट स्पीड से तालमेल बिठाने में मुश्किल हो रही है। इसीलिए कछुआ स्पीड प्रेमी जनता, बुलेट स्पीड प्रेमी मोदी जी को कभी-कभी दिल्ली और बिहार में स्पीड ब्रेकर लगाने लगती है। देश कि जनता क्या जाने, पूरी दुनिया मोदीजी के बुलेट स्पीड कि कायल हो रही है। मैं भी मोदीजी के बुलेट स्पीड का फैन हो गया हूँ। अब देखिए मैं भी बुलेट की स्पीड से यह सब लिख रहा हूँ। वैसे भी जिसे बुलेट स्पीड पसंद ना हो, वो पाकिस्तान जा सकता है, वो भी बुलेट ट्रेन में बैठकर....

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वाह भाई वाह! बहुत खूब! क्या सही फरमाया है।
कछुआ जनता के मन की बात बुलेट की स्पीड से हम तक पहुँचाया है



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