बारी -बारी देश को लूटें, बनी रहे अपनी जोड़ी।
तू हमरे जीजा के छोड़ा, हम तोहरे जीजा के छोड़ी।
एक सांपनाथ एक नागनाथ, एक अम्बेदकर लोहियावादी,
ई जनता की मजबूरी है, केका पकड़ी केका छोड़ी?
सत्ताहित जो मिले पकड़ लो, दागी भ्रष्ट नहीं कोई,
येदुरप्पा -जूदेव के तू जोड़ा, राजा लालू के हम जोड़ी।
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