Menu

मनोज जानी

बोलो वही, जो हो सही ! दिल की बात, ना रहे अनकही !!

header photo

कैसी लगी रचना आपको ? जरूर बताइये ।

There are currently no blog comments.

बढ़िया है...

November 17, 2015

बढ़िया है...बढ़िया है...
तेरे नेता देश लूटते, देश भक्त बस मेरे नेता,
सबके अपने चश्मे हैं, सबका अलग नजरिया है। 
बढ़िया है...

 

बन्दर की सब उछल-कूद पर, एश मदारी काट रहे,
नेता आज मदारी हैं, जनता हुई बंदरिया है,,
बढ़िया है...

 

देश साफ कर भरें तिजोरी, 'जानी' अपनी कूबत भर,
सबकी अपनी गंगा हैं, सबकी अपनी दरिया है...
बढ़िया है... ... बढ़िया है...

Go Back

Comment